राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना सामाजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, मधुबनी बिहार

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Publication - May 4, 2011
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाई) भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2005 में चालू की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य देश में ग्रामीण विद्युतीकरण अभियान को गति प्रदान करना है।

ऊर्जा मंत्रालय इस योजना को क्रियान्वित करने वाली नोडल एजंसी बनाई गयी ताकि राष्ट्रीय सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम “नेशनल कामन मिनिमम प्रोग्राम (एनसीएमपी) के तहत सन 2010 तक सभी घरों में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को अनिवार्य रूप से हासिल किया जा सके।

योजना आयोग ने इस योजना को “भारत निर्माण” कार्यक्रम का भी हिस्सा बनाया और योजना की समय अवधि को दो साल के लिए और बढा दिया लेकिन इस योजना को लागू करने की धीमी रफ्तार को देखते हुए सरकार अब इसे 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में शामिल करने के बारे में सोच रही है।

इसलिए यह आवश्यक है कि १२वीं योजना अवधि में इस योजना के जारी रहने के पूर्व लोग इसकी समीक्षा करें तथा उनके विचार व सुझाव पर गौर किया जाये ताकि उन सभी लोगों को जुन्वत्तापूर्ण ऊर्जा उपलब्ध हो जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।

इस सामाजिक परिक्षण का उद्देश्य आरजीजीवीवाई के क्रियान्वयन की हकीकत को सामने लाना है और साथ ही यह पता लगाना है कि यह योजना अपने उद्देश्य में सफल हो सकी है या नहीं। बिहार में सर्वेक्षण मधुबनी तथा सारण ज़िले में किया गया था।

सर्वेक्षण के परिणाम यहाँ उपलब्ध हैं:

राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना सोसिअल सर्वे रिपोर्ट, मधुबनी, बिहार

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