ग्रीनपीस ने नीतीश कुमार से किया आग्रह: अक्षय ऊर्जा पर किये गये वादे को निभाएं

सरकार अपने कार्यक्रम के तहत अक्षय ऊर्जा पर प्रभावकारी नीति बनाए

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Press release - November 30, 2010
पटना, 30 नवंबर, 2010: बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार कमान संभाल रहे नीतीश कुमार को ग्रीनपीस ने आज याद दिलाया कि उनके द्वारा जनता दल यूनाइटेड के चुनावी घोषणा पत्र में अक्षय ऊर्जा पर किये गए वादे को निभाने का समय आ गया है।

जनता दल यूनाइटेड [जद (यू)] गठबंधन ने वादा किया था कि सबको बिजली मुहैया कराने के लिए वे अक्षय ऊर्जा पर नयी नीति बनायेंगे। जद (यू) ने 988 मेगावाट बिजली का लक्ष्य तय किया है जोकि राज्य की वर्तमान स्थापित बिजली क्षमता के दोगुने से अधिक है।

ग्रीनपीस इंडिया के प्रबंध निदेशक समित आईच ने कहा, “हम मुख्यमंत्री नितीश कुमार को विधानसभा चुनाव में भारी जीत के लिए बधाई देते हैं और साथ ही याद दिलाते हैं कि लोगों ने उनको अपना मत दिया है एक उम्मीद के साथ। उनके विकास एजेंडे को समर्थन दिया है। इसमें सबको बिजली मुहैया कराने का उनका एक वादा भी शामिल है जिसमें अक्षय ऊर्जा पर विशेष महत्त्व दिया गया है। हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उम्मीद करते हैं कि वे अपने ऊर्जा कार्यक्रम ���ो शीघ्र लागू करेंगे और विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा के माध्यम से जनता को टिकाऊ व भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध करायेंगे। ”

“हम चाहते हैं कि सरकार राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखलाये तथा किये गए वादे पूरे करे क्योंकि अब सभी कि निगाहें इस सरकार के कार्यक्षमता पर होंगी,”  आईच ने कहा।

अक्टूबर में विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रीनपीस ने बिहार में विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा (डीआरई) के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक वृहत अभियान चलाया था और राजनीतिक दलों से यह आश्वासन प्राप्त किया था कि वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए अक्षय ऊर्जा की दिशा में कार्य करेंगे।

ग्रीनपीस इंडिया के अभियानकर्ता रमापति कुमार ने कहा, “ इस अभियान में ग्रीनपीस के साथ करीब 80 गैर सरकारी संगठन तथा तीस लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले गांव और नागरिक समूह जुड़ चुके हैं। इन सभी ने एक सुर में विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा का समर्थन किया और माना कि प्रदेश के ऊर्जा संकट से निपटने का यही एकमात्र समाधान है। विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा विकल्प ही राज्य में लोगों को गुणवत्ता युक्त बिजली मुहैया करा सकता है। अक्षय ऊर्जा में पूंजी निवेश करने से रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं में भी बेहतर अवसर पैदा होंगे।”

विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्य नई सरकार के लिए व्यापक रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। चूंकि बिहार विधानसभा के लिए चुने गये दो-तिहाई से अधिक सदस्य उन राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्होंने अक्षय ऊर्जा पर कार्य करने का वादा किया था, इसलिए इन राजनीतिक दलों को ऐसी नीति बनाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

हाल ही में संपन्न हुआ यह चुनाव राजनीतिक क्षेत्र में कई तरह से मील का पत्थर रहा है। इस चुनाव में न केवल भारी मतदान हुआ बल्कि हिंसा से भी मुक्त रहा और पहली बार विकास चुनाव का मुख्य मुद्दा बना। ये सभी शुभ संकेत हैं। ग्रीनपीस उम्मीद करती है कि नई सरकार अब विकास के एजेंडे पर काम करेगी और चुनाव के दौरान किये गये वादों को भी पूरा करेगी।

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