The Rainbow Warrior in Mumbai waters

ग्रीनपीस इंडिया के विषय में:

ग्रीनपीस इंडिया सन् 2001 से पर्यावरण संबंधी विभिन्न मुद्दों पर कार्य करता रहा है। भारत में हमारा काम चार व्यापक प्रचार अभियानों पर केंद्रित है – जलवायु परिवर्तन को रोकना, टिकाऊ खेती, महासागरों का संरक्षण एवं अन्य परमाण्विक विपत्तियों को रोकना। बीते वर्षों में ग्रीनपीस इंडिया ने देश भर में समर्थकों का एक मजबूत आधार तैयार किया है।

ग्रीनपीस के बारे में

ग्रीनपीस यूरोप, अमरीका, एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र के 40 देशों में मौजूद एक अलाभकारी संगठन है। अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए ग्रीनपीस सरकारों या निगमों से अनुदान को स्वीकार नहीं करता बल्कि व्यक्तिगत समर्थकों एवं फाउंडेशनों द्वारा प्रदत्त अनुदानों पर भरोसा करता है।

ग्रीनपीस के अस्तित्व के पीछे विचार यह है कि धरती और इस पर पनप रहे जीवन को एक साफ़ और सुरक्षित वातावरण का अधिकार है - आज भी और भविष्य में भी  

एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के रूप में ग्रीनपीस पर्यावरण के सर्वाधिक चिंतनीय विश्वव्यापी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जैसे:-

· महासागरों एवं प्राचीन वनों की सुरक्षा;

· जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए जीवाश्म ईंधन के प्रयोग को धीरे-धीरे कम करना एवं पुन: उपयोग में आ सकनेवाले (नवीकरण योग्य) ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देना;

· परमाणु नि:शस्त्रीकरण एवं परमाणु प्रदूषण का खात्मा;

· जहरीले रसायनों से मुक्ति; और

· प्रकृत्ति में जीन संवर्धित जीवों या वनस्पतियों की उत्पत्ति को रोकना।

अपने शुरुआती दिनों से ही ग्रीनपीस समुद्री जीवन से जुड़ा रहा है और संस्था के जहाज न सिर्फ ह्वेल मछलियों एवं समुद्री पर्यावरण को बचाने वाले कामों में सक्रिय रूप से लिप्त रहे हैं, बल्कि अन्य प्रचार अभियानों में भी क्रियाशील रहे हैं।

कहा जाता है कि बातों के मुकाबले काम ज्यादा प्रभावशाली  होता है,ग्रीनपीस के अहिंसक विरोध और प्रचार जिनमे गत वर्षों के दौरान गहन अनुसंधान और अपने पक्ष में जनमत तैयार करने के प्रयास भी शामिल हो गए हैं,इस विचार का जीता जागता प्रमाण हैं। 

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