प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रीनपीस से कोई जानकारी प्राप्त करने हेतु लिखने से पहले कृपया हमारी सामान्य प्रश्न सूची देख लें, संभव है कि आपकी जिज्ञासा का उत्तर पहले से ही वहाँ दिया गया हो ।

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ग्रीनपीस के बारे में प्रश्न  
  • ग्रीनपीस के मिशन क्या है?

    ग्रीनपीस का लक्ष्य इस बात को सुनिश्चित करना है कि हमारी पृथ्वी पर विविध रूपों में मौजूद जीवन का लगातार पोषण हो,वह जीवन बरकरार रहे । ग्रीनपीस के सभी प्रचार अभियान पृथ्वी को इस पर पल रहे हर प्रकार के जीवन के लिए एक टिकाऊ और स्थाई ग्रह बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं ।

  • ग्रीनपीस फसलों के अनुवांशिक रूप से संवर्धन यानी जेनेटिक इंजीनियरिंग का विरोध क्यों कर रहा है?

    ग्रीनपीस आनुवंशिक रूप से संवर्धित/परिवर्तित जैवीय सरंचनाओं ( वह चाहे फसलें हों या उस फसलों से बने खाद्य पदार्थ ) को प्रयोगशालाओं से निकाल कर खुले वातावरण में लाने का विरोध करता है। इस तरह की सरंचनाओं को, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर होने वाले उनके बुरे प्रभावों से जुड़ी पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी और समझ के बिना जारी किया जा रहा है।

    यह अनुवांशिक प्रदूषण एक बड़ा खतरा है क्योंकि इन आनुवंशिक रूप से संवर्धित/परिवर्तित जैवीय सरंचनाओं को यदि एक बार पर्यावरण में ले आया गया तो इन्हें या इनसे होने वाले संभावित नुक्सान को बढ़ने और पनपने से रोका नहीं जा सकता है। विभिन्न सरकारें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसे नियम लागू कर इस खतरे से निपटने के प्रयास कर रहीं हैं।

    निजी व्यावसायिक फायदों के लिए जनता को उसके उस अधिकार से वंचित रखा जा रहा है जिसके तहत वो जान सके कि उसकी खाद्य श्रृंखला में किस किस तरह की अनुवांशिक रूप से संवर्धित / परिवर्तित सामग्री इस्तेमाल की जा रही है और जानने के बाद ऐसी खाद्य सामग्री से बच सकें । इस सम्बन्ध में ग्रीनपीस अनुवांशिक रूप से संवर्धित /परिवर्तित खाद्य सामग्री की लेबलिंग, और ऐसी फसलों को परंपरागत तरीके से उगाई गयी फसलों से अलग करने जैसे तत्काल अंतरिम उपायों को अपनाने की वकालत करती है।

    हालांकि आणविक जीव विज्ञान के क्षेत्र में हुई वैज्ञानिक प्रगति के कारण हमें प्रकृति के बारे में नयी सोच विकसित करने के कई आधार मिलते हैं लेकिन यह नयी वैज्ञानिक खोजें किसी भी कीमत पर पर्यावरण को एक अनुवांशिक प्रयोगशाला में तब्दील करने को सही नहीं ठहरा सकतीं। पृथ्वी पर मौजूद जैविक विविधता संरक्षण और सम्मान दोनों ही ज़रूरी हैं,मानवता की वैश्विक विरासत के तौर पर भी और हमारे अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भी ।

    ग्रीनपीस धरती पर मौजूद सभी भी पौधों,पशुओं और मनुष्यों और उनके अनुवांशिक गुणों के पेटेंट का भी सख्त विरोध करता है । किसी भी रूप में जीवन एक ओद्योगिक उत्पाद नहीं हो सकता जब हम धरती पर मौजूद जीवन और खाद्य स्त्रोतों को प्राकृतिक तंत्र की बजाय अर्थ तंत्र की भेंट चढ़ा देते हैं तो हम खुद अपने लिए एक जोखिम पैदा कर लेते हैं ।

    आनुवंशिक रूप से संबर्धन/परिवर्तन के विषय में जानकारी और इससे जुड़े जोखिमो के बारे में आप विस्तार से पढ़ सकते हैं।

  • क्या परमाणु ऊर्जा पारंपरिक खनिज ऊर्जा से बेहतर नहीं है? क्या यह जलवायु परिवर्तन समस्या का एक समाधान नहीं है?

    परमाणु ऊर्जा ज़हरीले अपशिष्ट पैदा करती है, परमाणु हथियारों की प्रतिस्पर्धा को बल देती है और हजारों मील दूर तक बसे जीवन और समुदायों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा साबित होती है।

    यह ग्रीनहाउस वार्मिंग की समस्या का भी समाधान नहीं है। परमाणु ईंधन बनाने की प्रक्रिया में ऊर्जा की खपत बहुत अधिक होती है। जब आप सीओ 2 अपशिष्टों को खनन, पिसाई, प्रसंस्करण, और परमाणु ईंधन की ढुलाई के ज़रिये इकट्ठा करते हैं तो उस पूरी प्रक्रिया में कार्बन आउटपुट के नाम पर किसी तरह की महतवपूर्ण बचत नहीं होती। यही वजह थी कि क्योटो प्रोटोकॉल के निर्माताओं ने परमाणु ऊर्जा उद्योग को परमाणु ऊर्जा निर्माण के सन्दर्भ में कार्बन क्रेडिट देने से इनकार कर दिया था। आप अभी भी परमाणु उद्योग द्वारा जारी विज्ञापनों में इस सम्बन्ध में भ्रामक प्रचार देखेंगे लेकिन इन कंपनियों के इन प्रचारित दावों से संतुष्ट शायद ही कोई पर्यावरण वैज्ञानिक आपको दिखे। (ब्रिटिश न्यूक्लीयर फ्यूल्स नमक कंपनी का ऐसे विज्ञापनों पर आने वाला खर्च ग्रीनपीस पूरे वार्षिक बजट से अधिक है!)

  • ग्रीनपीस क्या है?

    ग्रीनपीस एक स्वतंत्र प्रचार प्रसार संगठन है, जो अहिंसक लेकिन रचनात्मक टकराव के ज़रिये वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं का पर्दाफाश करता है और व्यवस्था को उन समाधानों की खोज के लिए मजबूर करता है जो एक हरे और शांतिपूर्ण भविष्य के लिए आवश्यक हैं ।

  • ग्रीनपीस की शुरुआत कैसे हुई ?

    1971 में एक शांतिपूर्ण एवं हरी-भरी दुनिया का सपना लिए कार्यकर्ताओं का एक छोटा सा दल, वैंकूवर, कनाडा से एक पुरानी फिशिंग बोट पर सैर को निकला।

    ग्रीनपीस के इन संस्थापक कार्यकर्ताओं का मानना था कि कुछेक मुट्ठीभर लोग भी अगर चाहें तो मिल कर कुछ महत्वपूर्ण और निर्णायक बदलाव ला सकते हैं। वे अलास्का के पश्चिमी तट पर एक छोटे द्वीप एमचिटका में अमरीकी द्वारा किये जा रहे भूमिगत परमाणु परीक्षण के साक्ष्य जुटाने के मिशन पर निकले थे।

    यह इलाका दुनिया के सर्वाधिक भूकंप झेलने वाले क्षेत्रों में से एक है। एमचिटका 3000 संकटग्रस्त समुद्री ऊदबिलावों, परविहीन गरुड़ों, परदेशी बाजों और अन्य जंगली जीव-जंतुओं की अंतिम शरणस्थली बना हुआ था।

    हालांकि उनकी पुरानी नौका, ‘फिलिस कॉरमैक’, एमचिटका पहुंचने से पहले ही रोक दी गई, किंतु इस यात्रा ने जनहित में दिलचस्पी रखने वाले दुनिया भर के हलकों में खलबली तो मचा ही दी। इस खलबली के बावजूद अमेरिका ने चुपचाप परमाणु परीक्षण विस्फोट तो किया लेकिन इस विस्फोट के प्रभाव को लेकर उठे सवालों और आवाजों को नहीं दबा सका ।

    एमचिटका में नाभिकीय परीक्षण उसी साल बंद हुआ, और उस द्वीप को बाद में पक्षियों का अभ्यारण्य घोषित किया गया।

    आज, ग्रीनपीस एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी प्राथमिकताएं हैं वैश्विक पर्यावरणीय को लेकर जागरूकता और प्रचार अभियान।इसका अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय एम्सटर्डम, नीदरलैंड में है, ग्रीनपीस के दुनिया भर में 50 लाख समर्थक हैं, और 42 देशों में इसके राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कार्यालय हैं।

    आप http://archive.greenpeace.org/30th/ पृष्ठ पर हमारे इतिहास के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • ग्रीनपीस धन कहाँ से प्राप्त करता है?

    पूर्ण स्वतंत्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से ग्रीनपीस कंपनियों, सरकारों या राजनीतिक दलों से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता स्वीकार नहीं करता है। हम अपने इस नियम को लेकर बेहद गंभीर हैं और यदि अनुदान की राशि का कोई भी चेक वास्तव में चेक कॉर्पोरेट खाते के नाम पर पाया जाता है तो हम उसे वापस लौटा देते हैं। हम पर्यावरण को बचाने के लिए चलाये जाने वाले अपने अहिंसक प्रचार अभियानों के लिए पूरी तरह से अपने समर्थकों द्वारा दिए गए दान पर निर्भर करते हैं।

    दुनिया भर में मौजूद हमारे हर कार्यालय के बहीखाते हर साल लेखापरीक्षित होते हैं और हम हर साल अपनी वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट वेब साईट पर प्रकाशित करता हैं। आप

  • ग्रीनपीस की स्थापना किसने की ?

    इस संगठन से, एक प्रचलित मज़ाक जुड़ा है कि आप वैंकूवर, कनाडा की किसी भी बार में चले जाइए आपको एक ऐसा आदमी ज़रूर मिल जाएगा जो इस बात का दावा करता होगा कि ग्रीनपीस की नींव उसने डाली थी। मज़ाक से परे असल सच यह है कि कई प्रतिभाशाली लोगों ने ग्रीनपीस की स्थापना में अपना योगदान दिया था। बिल डारनेल ने इसे इसका नाम उस समय दिया जब किसी ने उन्हें शान्ति का प्रतीक चिन्ह थमाते हुए कहा कि " आइये इसे हरित शान्ति में बदल दें "।बौब हंटर ने इसमें पर्यावरण अपराधों के खिलाफ कैमरे में कैद होने लायक नाटकीय विरोध प्रदर्शनों की "मीडिया माइंड बम्ब " अवधारणा जोड़ी। जिम बोहले, पॉल कोटे और इर्विंग स्टोव 'डोंट मेक ए वेव कमेटी' के संस्थापक थे। यही वह कमेटी थी जिसने एमचिटका द्वीप पर पामाणु हथियार परीक्षण को रोकने के सबसे पहले ग्रीनपीस अभियान की शुरुआत की थी। डेविड मैक ताग्गार्ट ने दुनिया भर में इधर उधर छितरे तकरीबन आधा दर्ज़न पर्यावरण समूहों को इकठ्ठा कर आपसी मतभेद भुला कर एक विशाल अंतर्राष्ट्रीय संस्था बना कर 1979 में ग्रीनपीस इंटरनैशनल की स्थापना की।

  • मैं पर्यावरण के संरक्षण और इस दिशा में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपना योगदान देने संबंधी सलाह और जानकारी कहाँ से प्राप्त कर सकता हूँ ?

    इस सम्बन्ध में हाल ही में हमने एक माइक्रोसाईट तैयार की है जिसमे बताया गया है कि आप क्या क्या कर सकते हैं। इस विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी http://greenpeace.in/greenliving/personal-choices.html लिंक पर उपलब्ध है।

  • मेरे शहर में एक पर्यावरण प्रदूषक है, इसके बारे में क्या किया जा सकता है ?

    कुछ एक अपवादों को छोड़ कर ग्रीनपीस आमतौर पर वैश्विक स्तर की पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर काम करता है न कि व्यक्तिगत या स्थानीय समस्याओं पर। चूंकि ग्रीनपीस के पास सीमित संसाधन है इसलिए हमने पर्यावरण और जीवों पर मंडरा रहे बड़े खतरों पर अपना ध्यान केन्द्रित करने का फैसला लिया है। साफ़ तौर पर हमारे पास हर स्तर पर पर्यावरण को हो रहे नुक्सान के लिए लड़ने की क्षमता नहीं है। स्थानीय समस्याओं के लिए हम आप जैसे पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग पर निर्भर करते है। आपके संघर्ष में हम आपको अपना समर्थन और शुभकामनाएं दे सकते हैं। इस सम्बन्ध में हम आपको एक सामुदायिक प्रचार अभियान चलाने के लिए सलाह भी दे सकते है। यह सलाह आप हमारे सहयोगियों से http://www.greenpeace.org.au/getactive/index.html">Greenpeace लिंक के ज़रिये पा सकते हैं। साथ ही आप हमारे उन सायबर सहयोगियों से भी सलाह ले सकते हैं जो स्थानीय स्तर पर प्रदूषण फैलाने वाले कारकों के खिलाफ काम करते हैं। हमारे किसी पूर्व सहयोगी से आप प्रचार अभियान कैसे चलाया और आगे बढाया जाए इस सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।आप ग्रीनपीस की वेबसाईट पर उपलब्ध 'आर्काइव सामग्री ' से भी किसी विषय विशेष पर जानकारी पा सकते हैं ।

  • मैं एक विद्यार्थी हूँ और पर्यावरण समस्या पर एक निबंध लिख रहा हूँ. क्या आप मुझे कोई जानकारी भेज सकते है ?

    हमें ऐसे बहुत से अनुरोध मिलते हैं जिनमें पर्यावरण से सम्बंधित मुद्दों पर स्कूल के निबंधों या रिपोर्टों के लिए जानकारी मांगी गयी होती है। काश इस मामले में हम आप सभी की व्यक्तिगत रूप से मदद कर सकते लेकिन हमारी प्राथमिकता अपने कर्मचारियों/ सहयोगियों को उस काम पर लगाने की रहती है जिस काम के लिए पर्यावरण प्रेमी हमें उदार मन से वित्तीय सहायता और अनुदान देते हैं यानी पर्यावरण के लिए प्रचार अभियानों में सफलता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इस सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं मिल सकती। भूलिए मत कि हमारी ग्रीनपीस इन्टरनेट साईट पर आपके लिए जानकारी का भण्डार उपलब्ध है।

  • मैंने एक जानवर की दुर्दशा होते हुए देखी है, इस सम्बन्ध में मैं क्या कर सकता हूँ ?

    ग्रीनपीस जानवरों के कल्याण संबंधी स्थानीय मामलों को नहीं देखता है। हम सम्पूर्ण प्राकृतिक जीवन के संरक्षण और प्रकृति और पर्यावरण को हो रहे बड़े नुक्सान और खतरों के सन्दर्भ में काम करते हैं। इस सम्बन्ध में आप जानवरों के कल्याण के लिए काम करने वाली विशव की एक अग्रणी संस्था पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल से संपर्क कर सकते हैं।

  • मुझे ग्रीनपीस में नौकरी कैसे मिल सकती है ?

    इस बारे में आप हमारे लिंक job vacancies in India पर नज़र डालें। साथ ही अन्य अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों में उपलब्ध रोज़गार अवसरों के लिए

  • मैं ग्रीनपीस की कैसे मदद कर सकता हूँ?

    आप कई तरीकों से हमें अपना सहयोग दे सकते हैं। आप हमारी वेबसाईट पर जाकर संस्था में उपलब्ध रोज़गार रिक्तियों/अवसरों को देख सकते हैं। आप अपने स्थानीय ग्रीनपीस कार्यालय से संपर्क साध कर यह पता कर सकते हैं कि क्या वहाँ बतौर स्वयंसेवक काम करने के लिए कोई अवसर उपलब्ध है। आप हमें वित्तीय सहायता भी प्रदान कर सकते हैं।