ग्रीनपीस के अस्तित्व के पीछे यह विचार है कि धरती और इस पर रहने वाले जीवों को एक साफ और सुरक्षित पर्यावरण मिले- आज भी और भविष्य में भी !

ताजा जानकारी

 

भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति में काम आयेगी ये जानकारी

Blog entry by Avinash Kumar Chanchal | सितम्बर 13, 2017

मुंबई में बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है।  बिहार, असम सहित देश के छह राज्य पहले से ही बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं भारी बारिश होने की वजह से 12 राज्यों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ से निपटने के लिये कई सरकारी और...

बिजली की चमक से चमका धरनई

Blog entry by nnautiya | जुलाई 24, 2014

धरनई एक ऐसा गांव जिसने 30 साल बाद बिजली की चमक देखी है। वैसे तो यह गांव सड़क और रेलवे लाइन से जुड़ा हुआ है मगर बिजली जैसी मूलभूत सुविधा आजतक इस गांव में नहीं पहुंची है। मगर अब बिजली की चमक से धरनईवासियों के चेहरे भी चमकने लगे है। अब...

ग्रीनपीस के पहले सोलर माइक्रोग्रिड से धरनई में ऊर्जा क्रांति का आगाज़

Feature Story | जुलाई 19, 2014 at 16:09

धरनई, जहानाबाद: आगामी 20 जुलाई 2014 का दिन धरनई गांव के इतिहास में अंधकार पर विजय पाने और खुशियों की सौगात लाने के दिन के रूप में इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। करीब 30 वर्षों से अधिक समय से बिना बिजली के रहने के बाद आखिरकर धरनई राजस्व ग्राम खुद...

ग्रीनपीस इंडिया ‘सबका साथ, सबका स्थायी विकास’ का समर्थन करती है।

Feature Story | जून 11, 2014 at 11:00

खूफिया ब्यूरो (आई बी) द्वारा पीएमओ को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में ग्रीनपीस इंडिया पर लगाए गए आरोपों को चुनौती देते हुए ग्रीनपीस इंडिया ने कहा है कि, वह पर्यावरण के लिए काम करने वाली एक स्वतंत्र संस्था है जो दीर्घकालीन विकास और लोगों के अधिकारों के...

जंगल गंवाओ नहीं, बचाओ!

Blog entry by श्रीदेवी पद्मनाभन | जून 5, 2014

धूल-धरसित कस्बे वैढ़न के शोर-शराबे से कुछ ही किलोमीटर दूर महान जंगल एक अलग किस्म की शांति में लिपटा हुआ लगा। यहां कानों में गाड़ियों का शोर नहीं सुनाई पड़ता, सुनाई पड़ती है तो चिड़ियों और झींगुरों की आवाज़ें जो कानों में मधुर स्वर पैदा...

नहीं झेल सकता तीसरी बार विस्थापनः आमीन खान

Blog entry by अविनाश कुमार चंचल | जून 3, 2014

आमीन खान उम्र के पांचवे दशक में पहुंच चुके हैं। 1960 में रिहन्द बांध से विस्थापित एक परिवार की अगली पीढ़ी के मुखिया। मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले आमीन खान अब हर रोज मजदूरी करने भी नहीं जा पा रहे हैं। वजह है उनके उपर मंडरा...

वन सत्याग्रही को तीन हफ्ते बाद मिली ज़मानत

Feature Story | जून 3, 2014 at 14:00

पिछले तीन हफ्ते से भी अधिक दिनों से जेल में बंद महान संघर्ष समिति के कार्यकर्ता और वन सत्याग्रही बेचनलाल शाह को जबलपुर हाईकोर्ट ने ज़मानत दे दी है। गौरतलब है कि महान जंगल में पेड़ों की मार्किंग का शांतिपूर्ण विरोध करने वाले बेचनलाल शाह और महान...

अपुन की आवाज़

Blog entry by आकाश तमांग | जून 2, 2014

मेरे प्यारे भाई लोग और बहन लोग, अपुन का नाम आकाश तमांग। मैं सोशल वर्क का स्टूडेंट हूं। मेरे संस्थान ने मुझे महान में महुआ कैंप में जाने का मौका दिया। हमारा संस्थान ग्रासरुट स्तर पर देश के युवाओं के साथ मिलकर काम करता है। जैसे ही...

महान में अक्टूबर तक नहीं होगी पेड़ों की कटाई

Feature Story | मई 27, 2014 at 16:11

मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि महान जंगल में अक्टूबर तक कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। राज्य सरकार का यह फैसला महान संघर्ष समिति के लिए अस्थायी राहत लेकर आया है। जिसने पिछले हफ्ते ही महान कोल ब्लॉक को मिली दूसरे चरण की मंजूरी को एनजीटी (नेशनल ग्रीन...

3 कार्यकर्ता रिहा, मगर चौथा कार्यकर्ता अभी भी हिरासत में

Feature Story | मई 12, 2014 at 15:00

जेल में 40 से ज्यादा घंटे गुजारने के बाद हमारे तीन साथी कार्यकर्ता रिहा कर दिए गए हैं मगर चौथे कार्यकर्ता और महान संघर्ष समिति के सदस्य बेचनलाल शाह अभी भी हिरासत में हैं और उन्हें ज़मानत नहीं मिली है।

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