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दिल्ली में बिजली गुल ना होगी अब !

मगर ये तभी हो सकता है जब आप दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को ईमेल भेजें और उनसे अक्षय ऊर्जा के लिए ठोस नीति बनाने के लिए कहें ताकि तपती गर्मी में भी आपको बिजली मिल सके।

 

आखिर दिल्लीवालों को इससे क्या फायदा होगा?  

वैसे तो दिल्ली ऐतिहासिक शहर रहा मगर लगता है कि जल्द ही गर्मियों के दिनों में सालों-साल से चली आ रही बिजली की किल्लत को भी इस शहर के इतिहास में जोड़ दिया जाएगा।

क्या आपको पता है दिल्ली की बिजली कहां से आती है? हम आपको बता दें कि अपनी बिजली के लिए दिल्ली अपने पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। मगर अक्षय ऊर्जा के जरिए अपनी बिजली खुद पैदा करके दिल्ली में बिजली की कमी से बचा सकता है।

और इसके लिए कोयले पर भी निर्भर रहने की जरूरत नहीं है जिससे वनों का विनाश हो रहा है, प्रदूषण फैल रहा है जो देश में लाखों असमय मौतें के लिए जिम्मेदार है। कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्र के लिए जिस पानी का उपयोग किया जा रहा है उस पानी का उपयोग उस उस क्षेत्र में खेती के लिए किया जा सकता है। अगर दिल्ली सरकार अक्षय ऊर्जा से संबंधित नीति बनाती है तो इससे देश और दुनिया को साफ ऊर्जा के प्रोत्साहन के लिए संदेश मिलेगा।  

दिल्ली में इस साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को अपने वोटरों का ख्याल करना ही पड़ेगा। शीला सरकार जानती है कि राज्य में बिजली एक बड़ा मुद्दा है और इस चुनाव में जनता सरकार से इस मसले को सुलझाने की उम्मीद कर रही है। यही मौका शीला सरकार को अपना यह संदेश पहुंचाने का कि बिजली की कमी को वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों के इस्तेमाल के जरिए पूरा किया जाए। अगर हम सबकर मिलक सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे तो सरकार को हमारी बात सुननी ही पड़ेगी क्योंकि सरकार खुद भी उक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए नए रास्ते तलाश रही है।

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